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VOL. 10, ISSUE 6 (2024)
मानव जीवन में योग की उपयोगिता एवं लाभ
Authors
ललित मोहन, डॉ. अखिलेश कुमार सिंह
Abstract
जिस प्रकार आज नए-नए आविष्कार हो रहे हैं। आज मानव को अनेक नई-नई सुख-सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हुई है। उसी प्रकार सुख-सुविधाओं के चलते मानव जीवन में शारीरिक श्रम का आभाव हुआ है। जिस कारण मानव शरीर को अनेक रोगों (जैसे हाई बी.पी., शुगर, अस्थमा, दमा, मोटापा, माइग्रेन, सिर दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, बैक पेन, मान्यस्तम्भ, अर्थराइटिस आदि) ने घेर लिया है। उन सभी का निजात अगर संभव है तो वह है योग में, योग केवल शारीरिक क्रिया या व्यायाम ही नहीं अपितु यह सर्वांगीण विकास की क्रिया है जो न केवल शरीर पर, अपितु मन-बुद्धि और अंतरात्मा को शुद्ध करता है। मानव जीवन में योग की उपयोगिता इस बात से समझी जा सकती है कि योग एक सुखी जीवन जीने की कला है। वही शरीर के संबंध में, यह केवल शरीर को ऊर्जान्वित ही नहीं करता अपितु मानव के अंदर आत्मविश्वास का संचार भी करता है। नियमित योग करने से सदाचार और नैतिकता को अकूत बल मिलता है।
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Pages:10-12
How to cite this article:
ललित मोहन, डॉ. अखिलेश कुमार सिंह "मानव जीवन में योग की उपयोगिता एवं लाभ". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 10, Issue 6, 2024, Pages 10-12
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