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VOL. 12, ISSUE 4 (2026)
अंग जनपद की गणिका देवदत्ताः एक ऐतिहासिक अध्ययन
Authors
डॉ॰ मिथुन कुमार
Abstract
भारत के राजनैतिक इतिहास का प्रारंभ सामान्यतः छठी शताब्दी ईसा पूर्व से माना जाता है। अंगुत्तर निकाय के अनुसार छठी शताब्दी ईसा पूर्व में आर्य जातियों के परस्पर विलीनीकरण से जनपदों का विस्तार हुआ और क्रमषः महाजनपद बने।ख्1, इन 16 महजनपदों में वज्जि एवं मल्ल में गणतंत्रात्मक व्यवस्था थी, जबकि शेष में राजतंत्रात्मक व्यवस्था थी। महापरिनिर्माणसुत्त में छह महानगरों की सूचना मिलती है - चम्पा, राजगृह, श्रावस्ती, काषी, कौषांबी तथा साकेत।ख्2, जिसमें अंग महाजनपद की राजधानी चम्पा थी, जो बुद्ध के समय तक भारत के छह महानगरों में से एक थी। ऐसा माना जाता है, कि चम्पा ,पाटलिपुत्र से भी पहले बस चुकी थी। अंग महाजनपद की राजधानी रही ‘चम्पा‘ नगर की पहचान बुद्ध के पूर्व से ही एक समृद्ध आर्थिक-व्यापारिक केंद्र के तौर पर बन चुकी थी।ख्3, इसी प्राचीन अंग जनपद की राजधानी चम्पा नगरी में देवदत्ता नामक गणिका रहती थी। चम्पा नगरी में सामान्य लोगों द्वारा गणिका आदरणीय मानी जाती थीं। वात्स्यायन के अनुसार - चम्पा की गणिकाएँ सुषिक्षित और सुसंस्कृत होती थी। गणिका को गणिकाओं के आचार- व्यवहार की शिक्षा दी जाती थी।
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Pages:68-69
How to cite this article:
डॉ॰ मिथुन कुमार
"अंग जनपद की गणिका देवदत्ताः एक ऐतिहासिक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 12, Issue 4, 2026, Pages 68-69
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